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-:किताब के बारे में:-
लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर जीवन और विरासत" भारत की महान आदर्श शासकों में अग्रणी देवी अहिल्याबाई होल्कर के प्रेरणादायी जीवन, व्यक्तित्व और योगदान पर आधारित एक संवेदनशील एवं प्रभावशाली कृति है। यह पुस्तक उनके संघर्षपूर्ण जीवन और गौरवपूर्ण यात्रा का विस्तृत चित्र प्रस्तुत करती है-एक साधारण ग्रामीण बालिका से मालवा की जनप्रिय लोकमाता महारानी बनने तक की यात्रा, जिसने अपने दूरदर्शी चिंतन, आध्यात्मिक आस्था और लोककल्याणकारी नेतृत्व से शासन की नई परिभाषा स्थापित की। उस समय, जब समाज स्त्रियों की भूमिका को सीमित दृष्टि से देखता था, देवी अहिल्याबाई ने साहस, विवेक और करुणा के साथ सामाजिक बंधनों को तोड़ते हुए आदर्श एवं न्यायप्रिय शासन स्थापित किया।
यह पुस्तक उनके शासनकाल का सूक्ष्म, प्रामाणिक और जीवंत चित्रण प्रस्तुत करती है। इसमें न्याय व्यवस्था, कूटनीति, सैन्य कौशल तथा स्थापत्य कला में उनके अप्रतिम योगदान का गंभीर विश्लेषण किया गया है। साथ ही, यह उन पारंपरिक ऐतिहासिक दृष्टिकोणों को चुनौती देती है, जिन्होंने लंबे समय तक स्त्री नेतृत्व की महत्ता को पर्याप्त स्थान नहीं दिया। देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर प्रकाशित यह पुस्तक केवल ऐतिहासिक दस्तावेज नहीं, बल्कि नैतिक नेतृत्व, सेवा, न्यायप्रियता और जनकल्याण का प्रेरक संदेश भी है।
| ISBN 13 | 9789347691225 |
| Book Language | Hindi |
| Binding | Paperback |
| Publishing Year | 2026 |
| Total Pages | 264 |
| Edition | First |
| GAIN | 4UQGSY941NU |
| Publishers | Garuda Prakashan Pvt Ltd |
| Category | History Indian History |
| Weight | 250.00 g |
| Dimension | 14.00 x 22.00 x 1.60 |
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-:किताब के बारे में:-
लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर जीवन और विरासत" भारत की महान आदर्श शासकों में अग्रणी देवी अहिल्याबाई होल्कर के प्रेरणादायी जीवन, व्यक्तित्व और योगदान पर आधारित एक संवेदनशील एवं प्रभावशाली कृति है। यह पुस्तक उनके संघर्षपूर्ण जीवन और गौरवपूर्ण यात्रा का विस्तृत चित्र प्रस्तुत करती है-एक साधारण ग्रामीण बालिका से मालवा की जनप्रिय लोकमाता महारानी बनने तक की यात्रा, जिसने अपने दूरदर्शी चिंतन, आध्यात्मिक आस्था और लोककल्याणकारी नेतृत्व से शासन की नई परिभाषा स्थापित की। उस समय, जब समाज स्त्रियों की भूमिका को सीमित दृष्टि से देखता था, देवी अहिल्याबाई ने साहस, विवेक और करुणा के साथ सामाजिक बंधनों को तोड़ते हुए आदर्श एवं न्यायप्रिय शासन स्थापित किया।
यह पुस्तक उनके शासनकाल का सूक्ष्म, प्रामाणिक और जीवंत चित्रण प्रस्तुत करती है। इसमें न्याय व्यवस्था, कूटनीति, सैन्य कौशल तथा स्थापत्य कला में उनके अप्रतिम योगदान का गंभीर विश्लेषण किया गया है। साथ ही, यह उन पारंपरिक ऐतिहासिक दृष्टिकोणों को चुनौती देती है, जिन्होंने लंबे समय तक स्त्री नेतृत्व की महत्ता को पर्याप्त स्थान नहीं दिया। देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर प्रकाशित यह पुस्तक केवल ऐतिहासिक दस्तावेज नहीं, बल्कि नैतिक नेतृत्व, सेवा, न्यायप्रियता और जनकल्याण का प्रेरक संदेश भी है।
| ISBN 13 | 9789347691225 |
| Book Language | Hindi |
| Binding | Paperback |
| Publishing Year | 2026 |
| Total Pages | 264 |
| Edition | First |
| GAIN | 4UQGSY941NU |
| Publishers | Garuda Prakashan Pvt Ltd |
| Category | History Indian History |
| Weight | 250.00 g |
| Dimension | 14.00 x 22.00 x 1.60 |
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