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-:किताब के बारे में:-
यह पुस्तक केवल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की यात्रा का वर्णन नहीं, बल्कि भारत के पुनर्जागरण की एक जीवंत गाथा है।
स्वतंत्रता के अमृतकाल से 2047 के स्वर्णिम भारत तक की यह वैचारिक यात्रा उस चेतना को सामने लाती है, जिसने संगठन, सेवा और संस्कार के माध्यम से समाज जीवन को दिशा दी है।
संघ का कार्य केवल शाखाओं तक सीमित नहीं, बल्कि व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण तक विस्तृत है। पंचपरिवर्तन की अवधारणा, समरस समाज का संकल्प और आत्मनिर्भर भारत का स्वप्न—इन सबका समन्वय इस पुस्तक में विचारपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
यह ग्रंथ उन युवाओं, विचारकों और राष्ट्रभक्तों के लिए मार्गदर्शक है जो 2047 के भारत को केवल विकसित राष्ट्र नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से सशक्त, संगठित और आत्मविश्वासी भारत के रूप में देखना चाहते हैं।
“नवभारत का शंखनाद” केवल एक शीर्षक नहीं, बल्कि एक आह्वान है—एक ऐसे भारत के निर्माण का, जो अपनेभव, मूल्यों और संगठन शक्ति से विश्व को दिशा दे सके।
| ISBN 13 | 9789347691034 |
| Book Language | Hindi |
| Binding | Paperback |
| Publishing Year | 2026 |
| Total Pages | 172 |
| Edition | First |
| GAIN | ZM1SQIVJ2GG |
| Publishers | Garuda Prakashan Pvt Ltd |
| Category | Politics |
| Weight | 165.00 g |
| Dimension | 13.00 x 21.00 x 1.10 |
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-:किताब के बारे में:-
यह पुस्तक केवल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की यात्रा का वर्णन नहीं, बल्कि भारत के पुनर्जागरण की एक जीवंत गाथा है।
स्वतंत्रता के अमृतकाल से 2047 के स्वर्णिम भारत तक की यह वैचारिक यात्रा उस चेतना को सामने लाती है, जिसने संगठन, सेवा और संस्कार के माध्यम से समाज जीवन को दिशा दी है।
संघ का कार्य केवल शाखाओं तक सीमित नहीं, बल्कि व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण तक विस्तृत है। पंचपरिवर्तन की अवधारणा, समरस समाज का संकल्प और आत्मनिर्भर भारत का स्वप्न—इन सबका समन्वय इस पुस्तक में विचारपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
यह ग्रंथ उन युवाओं, विचारकों और राष्ट्रभक्तों के लिए मार्गदर्शक है जो 2047 के भारत को केवल विकसित राष्ट्र नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से सशक्त, संगठित और आत्मविश्वासी भारत के रूप में देखना चाहते हैं।
“नवभारत का शंखनाद” केवल एक शीर्षक नहीं, बल्कि एक आह्वान है—एक ऐसे भारत के निर्माण का, जो अपनेभव, मूल्यों और संगठन शक्ति से विश्व को दिशा दे सके।
| ISBN 13 | 9789347691034 |
| Book Language | Hindi |
| Binding | Paperback |
| Publishing Year | 2026 |
| Total Pages | 172 |
| Edition | First |
| GAIN | ZM1SQIVJ2GG |
| Publishers | Garuda Prakashan Pvt Ltd |
| Category | Politics |
| Weight | 165.00 g |
| Dimension | 13.00 x 21.00 x 1.10 |
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Garuda Prakashan
₹278.00
Rashtriya Swayamsevak Sangh: Navbharat Ka Shankhnaad | राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ: नवभारत का शंखनाद
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