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-:किताब के बारे में:-
अधिकांश कथाएँ कल्पना की उड़ान मात्र होती हैं जो पाठक को मनोरंजन के उद्देश्य से लिखी जाती हैं। किंतु जो कथाएँ प्राचीन भारतीय ग्रंथों में पाई जाती हैं, वे उससे कहीं अधिक हैं। यद्यपि प्रथम दृष्टि में ये प्रसंग भी काल्पनिक और चमत्कारी प्रतीत होते हैं, किंतु जब ध्यान से पढ़ा और समझा जाए तो वे एक ऐसे युग का इतिहास बताते हैं जो किसी भी कल्पना से परे अतीव गौरवशाली था। जैसे गंगा का अवतरण, जैसे अहल्या का शाप, जैसे अगस्त्य द्वारा सागर का पान। यह पुस्तक वर्तमान में अपने पौराणिक रूप में प्रचलित ऐसी अनेक कथाओं की गहराई में जाकर उनके ऐतिहासिक स्वरूप की खोज करती है।
| ISBN 13 | 9789347691379 |
| Book Language | Hindi |
| Binding | Paperback |
| Publishing Year | 2025 |
| Total Pages | 244 |
| Edition | First |
| GAIN | VV82NXVIZL7 |
| Publishers | Garuda Prakashan |
| Category | Religion & Spirituality Hinduism |
| Weight | 230.00 g |
| Dimension | 14.00 x 22.00 x 1.50 |
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-:किताब के बारे में:-
अधिकांश कथाएँ कल्पना की उड़ान मात्र होती हैं जो पाठक को मनोरंजन के उद्देश्य से लिखी जाती हैं। किंतु जो कथाएँ प्राचीन भारतीय ग्रंथों में पाई जाती हैं, वे उससे कहीं अधिक हैं। यद्यपि प्रथम दृष्टि में ये प्रसंग भी काल्पनिक और चमत्कारी प्रतीत होते हैं, किंतु जब ध्यान से पढ़ा और समझा जाए तो वे एक ऐसे युग का इतिहास बताते हैं जो किसी भी कल्पना से परे अतीव गौरवशाली था। जैसे गंगा का अवतरण, जैसे अहल्या का शाप, जैसे अगस्त्य द्वारा सागर का पान। यह पुस्तक वर्तमान में अपने पौराणिक रूप में प्रचलित ऐसी अनेक कथाओं की गहराई में जाकर उनके ऐतिहासिक स्वरूप की खोज करती है।
| ISBN 13 | 9789347691379 |
| Book Language | Hindi |
| Binding | Paperback |
| Publishing Year | 2025 |
| Total Pages | 244 |
| Edition | First |
| GAIN | VV82NXVIZL7 |
| Publishers | Garuda Prakashan |
| Category | Religion & Spirituality Hinduism |
| Weight | 230.00 g |
| Dimension | 14.00 x 22.00 x 1.50 |