Menu
Category All Category
Meri Atulya Aadhyatmik Yatra: मेरी अतुल्य आध्यात्मिक यात्रा
by   Joginder Prasad Kohli (Author)  
by   Joginder Prasad Kohli (Author)   (show less)
Meri Atulya Aadhyatmik Yarta: मेरी अतुल्य आध्यात्मिक यात्रा
Product Description

-:पुस्तक के बारे मे:-

यह पुस्तक भगवान शिव के दिव्य आदेश से लिखी गई है, ताकि आध्यात्मिक मार्ग पर चलने वालों की सहायता की जा सके। इसमें लेखक की आध्यात्मिक यात्रा के अनुभव शेयर किए गए हैं, जो पाठकों को आंतरिक जागरण और दिव्य मार्गदर्शन की ओर प्रेरित करेंगे। यह एक सामूहिक उपहार है, जो हर साधक के लिए प्रकाश का स्रोत बनेगी।

भगवान् शिव, सारदा मा, और मेरी गुरु कृष्णप्रिअ की सहायता से मुझे लड्डू गोपाल का दर्शन प्राप्त हुआ ।

मेरे पूरे जीवन की भविष्य वाणी अगस्त्य मुनि द्वारा लिखित नाडी जोतीङाम और भगवान् शिव कृष्णा और गणेश द्वारा हुई।

शिव कृपा, कृष्ण प्रेम, गणेश बुद्धि अपार, नीना में दर्शन हो, जेलुर्सी खुला द्वार। क्रोध अहं मिटे मम, प्रेम हृदय में जागे, 2031 तक, ईश्वर का रूप उभर आए।

मेरा जन्म दिल्ली में हुआ और पढ़ाई संस्कृत स्कूल, iit खडगपुर और अमरीका में हुई।

मेरी "अतुल्य आध्यात्मिक यात्रा" की शुरुआत ५६ वर्ष की आयु में श्री रामकृष्ण परमहंस के स्वप्नदर्शन से हुई।

Product Details
ISBN 13 9789347691140
Book Language Hindi
Binding Paperback
Publishing Year 2025
Total Pages 264
Edition First
GAIN BTCDYFQW2WO
Publishers Garuda Prakashan  
Category Religion & Spirituality  
Weight 230.00 g
Dimension 15.50 x 23.00 x 1.60

Add a Review

0.0
0 Reviews
Product Description

-:पुस्तक के बारे मे:-

यह पुस्तक भगवान शिव के दिव्य आदेश से लिखी गई है, ताकि आध्यात्मिक मार्ग पर चलने वालों की सहायता की जा सके। इसमें लेखक की आध्यात्मिक यात्रा के अनुभव शेयर किए गए हैं, जो पाठकों को आंतरिक जागरण और दिव्य मार्गदर्शन की ओर प्रेरित करेंगे। यह एक सामूहिक उपहार है, जो हर साधक के लिए प्रकाश का स्रोत बनेगी।

भगवान् शिव, सारदा मा, और मेरी गुरु कृष्णप्रिअ की सहायता से मुझे लड्डू गोपाल का दर्शन प्राप्त हुआ ।

मेरे पूरे जीवन की भविष्य वाणी अगस्त्य मुनि द्वारा लिखित नाडी जोतीङाम और भगवान् शिव कृष्णा और गणेश द्वारा हुई।

शिव कृपा, कृष्ण प्रेम, गणेश बुद्धि अपार, नीना में दर्शन हो, जेलुर्सी खुला द्वार। क्रोध अहं मिटे मम, प्रेम हृदय में जागे, 2031 तक, ईश्वर का रूप उभर आए।

मेरा जन्म दिल्ली में हुआ और पढ़ाई संस्कृत स्कूल, iit खडगपुर और अमरीका में हुई।

मेरी "अतुल्य आध्यात्मिक यात्रा" की शुरुआत ५६ वर्ष की आयु में श्री रामकृष्ण परमहंस के स्वप्नदर्शन से हुई।

Product Details
ISBN 13 9789347691140
Book Language Hindi
Binding Paperback
Publishing Year 2025
Total Pages 264
Edition First
GAIN BTCDYFQW2WO
Publishers Garuda Prakashan  
Category Religion & Spirituality  
Weight 230.00 g
Dimension 15.50 x 23.00 x 1.60

Add a Review

0.0
0 Reviews
Frequently Bought Together

Garuda Prakashan

This Item: Meri Atulya Aadhyatmik Yatra: मेरी अतुल्य आध्यात्म...

₹489.00

Garuda Prakashan

₹499.00

Choose items to buy together
Meri Atulya Aadhyatmik Yatra: मेरी अतुल्य आध्यात्मिक यात्रा
by   Joginder Prasad Kohli (Author)  
by   Joginder Prasad Kohli (Author)   (show less)
Verify Verified by Garuda
verified-by-garuda Verified by Garuda
₹499.00₹489.00
Tax included. Shipping calculated at checkout
₹499.00₹489.00
Tax included. Shipping calculated at checkout
Frequently Bought Together

Garuda Prakashan

This Item: Meri Atulya Aadhyatmik Yatra: मेरी अतुल्य आध्यात्म...

₹489.00

Garuda Prakashan

₹499.00

Choose items to buy together