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-:पुस्तक-परिचयः:-
बालसाहित्यमालायाः प्रथमाभिव्यक्तिरियम् । आशावर्याविरचितं, द्वादशलघुकथासंवलितं पुस्तकमिदं बालानां सर्वाङ्गीणविकासाय उत्कृष्टम् ।
नूतनाभ्यासैः सुमधुरचित्रेश्च युक्तम् इदं बालानां कृते सुबोधं सुपाठ्यं च ।
बालसाहित्य-माला की यह प्रथम प्रस्तुति है। आशावर्या द्वारा रचित यह पुस्तक बारह लघु कथाओं से युक्त है और बालकों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यन्त उत्कृष्ट है।
नवीन अभ्यासों और मनोहर चित्रों से सुसज्जित यह पुस्तक बालकों के लिए सरल, सुबोध तथा सु-पाठ्य है।
-:कथासूची:-
१ आन्तरवैभवम्
५ भगवन्तमेव याचिष्ये
९ भगवतः नाम
१३ सुदासः
१७ परोपकाराय इदं शरीरम्
२० अन्तिमपर्णम्
२५ प्रकृतिरहस्यम्
२८ अलौकिकः विहङ्गः
३३ कीदृशं ब्रह्म
३६ कापि सुपरिचिता कथा
३८ नृपतिः शिविः
४३ कपिकथा
| ISBN 13 | 9789347691775 |
| Book Language | Sanskrit |
| Binding | Paperback |
| Publishing Year | 2025 |
| Total Pages | 53 |
| Edition | First |
| GAIN | 7XSRV9S6G0Z |
| Publishers | Garuda Prakashan |
| Category | Children Books Children's Literature & Fiction |
| Weight | 200.00 g |
| Dimension | 20.00 x 24.50 x 0.20 |
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-:पुस्तक-परिचयः:-
बालसाहित्यमालायाः प्रथमाभिव्यक्तिरियम् । आशावर्याविरचितं, द्वादशलघुकथासंवलितं पुस्तकमिदं बालानां सर्वाङ्गीणविकासाय उत्कृष्टम् ।
नूतनाभ्यासैः सुमधुरचित्रेश्च युक्तम् इदं बालानां कृते सुबोधं सुपाठ्यं च ।
बालसाहित्य-माला की यह प्रथम प्रस्तुति है। आशावर्या द्वारा रचित यह पुस्तक बारह लघु कथाओं से युक्त है और बालकों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यन्त उत्कृष्ट है।
नवीन अभ्यासों और मनोहर चित्रों से सुसज्जित यह पुस्तक बालकों के लिए सरल, सुबोध तथा सु-पाठ्य है।
-:कथासूची:-
१ आन्तरवैभवम्
५ भगवन्तमेव याचिष्ये
९ भगवतः नाम
१३ सुदासः
१७ परोपकाराय इदं शरीरम्
२० अन्तिमपर्णम्
२५ प्रकृतिरहस्यम्
२८ अलौकिकः विहङ्गः
३३ कीदृशं ब्रह्म
३६ कापि सुपरिचिता कथा
३८ नृपतिः शिविः
४३ कपिकथा
| ISBN 13 | 9789347691775 |
| Book Language | Sanskrit |
| Binding | Paperback |
| Publishing Year | 2025 |
| Total Pages | 53 |
| Edition | First |
| GAIN | 7XSRV9S6G0Z |
| Publishers | Garuda Prakashan |
| Category | Children Books Children's Literature & Fiction |
| Weight | 200.00 g |
| Dimension | 20.00 x 24.50 x 0.20 |