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*पुस्तक के बारे में*
मई 2021 की बात है। आरती पाठक ने अभी-अभी अपनी माँ को कोविड के कारण खोया था। उन्हें पता नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद उन्हें स्वयं कैंसर होने का पता चलने वाला था।
फिर भी यह संस्मरण शोक, पीड़ा या हानि पर केन्द्रित नहीं है। यह उस शक्ति की कथा है, जो टूट जाने के बाद ही जन्म लेती है; उस आस्था की, जो तब भी थामे रखती है, जब बाकी सब साथ छोड़ देता है; उस प्रेम की, जो निराशा के बीच और गहरा हो जाता है; उन छोटी-छोटी खुशियों की, जो सबसे अँधेरे दिनों में भी प्रकाश की तरह झिलमिलाती रहती हैं; और उस समर्पण की, जो भीतर एक शांत शक्ति का संचार करता है।
यह एक सच्ची कहानी है।
तीव्र गति से आगे बढ़ती भावनाओं की यह यात्रा पाठक को प्रेरित करेगी और एक शांत आत्मबोध से भर देगी।
अविस्मरणीय। ट्रिपल नेगेटिव एक कैंसर संस्मरण भर नहीं, उससे कहीं अधिक है। जो लोग रोग से जूझ रहे हैं, जो अपने प्रियजनों की सेवा-सुश्रूषा में लगे हैं, या जो जीवन के सबसे कोमल क्षणों में अर्थ खोज रहे हैं, उन्हें यह पुस्तक अवश्य पढ़नी चाहिए।
— टाइम्स ऑफ इंडिया
कैंसर जैसे भयावह विषय पर आशा, धैर्य और जिजीविषा की लयमयी स्वरलहरी।
— बिजनस वर्ल्ड
ट्रिपल नेगेटिव जीवन की अनिवार्य परीक्षाओं और उनसे पार ले जाने वाली मौन शक्ति का संगम है। यह उन अदृश्य हाथों की कथा है जो हमें राह दिखाते हैं, और उस दिव्यता की, जो हमारे सबसे अंधेरे समय में अपने-आप प्रकट होती है।
यह पुस्तक चिंता और भय की व्यर्थता, समर्पण के आनंद, प्रेम जैसे अमूल्य वरदान, और श्रद्धा से मिलने वाली अद्भुत शक्तियों की बात करती है।
— डेली पायनियर
सच्चाई से भरी, अत्यन्त प्रभावशाली और जीवन के प्रति गहरी आस्था जागृत करने वाली कृति। आरती आपकी यात्रा हृदयविदारक है। आपके लेखन में गहरी संवेदना है, संदेश में अद्भुत साहस और धैर्य की ऊष्मा है। माँ दुर्गा का आशीर्वाद तुम पर सदैव बना रहे। सस्नेह,
—सुष्मिता सेन
मिस यूनिवर्स (1994) |माँ |अभिनेत्री |समाजसेवी |उद्यमी
प्रेरणादायक। मुक्तिदायी। मन को बाँध लेने वाली!
कभी-कभी जीवन इतना पीड़ादायक और असहनीय हो जाता है कि लगता है कि सब कुछ टूट रहा है। लेकिन आरती अपने इस संस्मरण के माध्यम से दिखाती है कि हमें पीड़ा में डूबे रहना आवश्यक नहीं है। अपने अनुभवों और अपने दृष्टिकोण के माध्यम से वे हमें सिखाती हैं कि जीवन में आने वाले उन कठिन क्षणों का सामना कैसे किया जाए—जो हम सभी के जीवन में कभी न कभी आते ही हैं।
—अमिश त्रिपाठी
बेस्टसेलिंग लेखक | प्रसारक | पूर्व राजनयिक
आरती पाठक की ट्रिपल नेगेटिव हमें एक प्रेरणादायक यात्रा पर ले जाती है, जहाँ जीवन की जटिल चुनौतियों के बीच आगे बढ़ने का मार्ग दिखाई देता है। इसके पन्नों में गहन आध्यात्मिक चिंतन और गहरे अंतर्दृष्टिपूर्ण विचार समाहित हैं, जो कठिन समय में पाठक को संबल और स्पष्टता प्रदान करते हैं।
— मानोषी सिन्हा
बेस्टसेलिंग इतिहास लेखिका | इंडिक शोधकर्ता |ज्योतिष-अंकशास्त्री |वास्तु सलाहकार
ट्रिपल नेगेटिव एक सच्ची, मन को झकझोर देने वाली, अत्यंत वास्तविक कथा है। यह आशा की कथा है। एक ऐसी जीवंतता की गाथा है—जो हानि, शोक और जीवनमें आने वाली अनगिनत अनिश्चितताओं के बीच भी आगे बढ़ती रहती है।
— अमी गणात्रा
बेस्टसेलिंग लेखिका | इंडिक शोधकर्ता
भावनाओं का एक ज्वार-भाटा। इसे पढ़ते हुए ऐसा लगता है जैसे आप वहीं हों। वेदना और शोक के बाद आस्था और आशा विजयी होते हैं, जो अत्यंत प्रेरक और प्रभावशाली हैं।
— अर्चना छाबड़ा
आरती की प्रिय सखी
अपनी कठिन और प्रेरणादायक यात्रा पर आरती का यह संक्षिप्त किंतु अत्यंत गहन मनन मेरे द्वारा अब तक पढ़े गए संस्मरणों में सबसे श्रेष्ठ है। निर्भीक सच्चाई और साहस से भरी यह पुस्तक करुणा और शालीनता की कोमल धारा से भी परिपूर्ण है। रहस्यात्मक अनुभूति और अदम्य जीवन-शक्ति से रची यह कथा पाठक के मन को आरंभ से ही बाँध लेती है। और पाठक अंत तक इसके साथ बना रहता है।
परिवार, आध्यात्मिकता, वास्तविक कल्याण के अभ्यास और मानवीय जिजीविषा को समर्पित ट्रिपल नेगेटिव एक अत्यंत प्रेरणादायी श्रद्धांजलि है। यह एक ऐसी पुस्तक है जिसे मैं दीर्घकाल तक स्मरण रखूँगी और बिना किसी संकोच के सभी को इसे पढ़ने को कहूँगी।
— अदिति बनर्जी
बेस्टसेलिंग लेखिका | attorney
कुछ पुस्तकें हृदय को स्पर्श करती हैं; यह पुस्तक आत्मा तक पहुँचती है।
अंतिम पृष्ठ पढ़ने के बाद यह लंबे समय तक आपके साथ इस स्मरण के रूप में बनी रहती है—कि हमारे सबसे गहरे अँधकार के क्षणों में भी प्रकाश अपना मार्ग खोज ही लेता है।
अपनी माँ को कोविड-19 में खोने के दुःख से लेकर स्वयं कैंसर से जूझने तक, आरती की यात्रा स्वीकार और गरिमा का अद्भुत उदाहरण है। वह केवल कठिनाइयों को सहती नहीं—वह उनसे और अधिक सशक्त होकर उभरती हैं, यह दिखाते हुए कि उपचार केवल शारीरिक नहीं, बल्कि अत्यंत आध्यात्मिक भी होता है।
निर्भीक और निष्छल सत्यता के साथ वह हमें अपने संघर्षों की गहराइयों तक ले जाती है। उनके शब्दों में आशा, विनोद और जीवन के प्रति अटूट विश्वास की उजली किरणें निरंतर झलकती रहती हैं।
— स्नेहा शाह
मनोवैज्ञानिक |लीडरशिप कोच
लेखिका -‘व्हाट शेप आर यू?’
ट्रिपल नेगेटिव आरती के विचारों, भावनाओं और शारीरिक पीड़ा के भँवर का अत्यंत मार्मिक वृत्तांत है। यह एक ऐसी यात्रा का वर्णन है जो उन्हें रूपांतरित कर देती है।
आरती अपने अतीत और वर्तमान दोनों को स्वीकार कर आंतरिक संघर्षों और अवचेतन में बसे भय का सामना करती है और अपनी यात्रा में अर्थ खोज लेती हैं—जो मूलतः आत्म-साक्षात्कार की यात्रा है।
हमारे कष्टों और संघर्षों, परीक्षाओं और पीड़ाओं में सदैव कोई न कोई अर्थ निहित होता है। अपने वास्तविक स्वरूप को हम उस स्पष्टता से नहीं जान पाएंगे, जो लेखिका ने इस यात्रा में प्राप्त की है।
ट्रिपल नेगेटिव मानवीय जीवटता को समर्पित एक श्रद्धांजलि है। मेरे लिए यह पुस्तक एक गहन अनुभव और सीख का स्रोत है। मुझे पूर्ण विश्वास है जिसे भी इसे पढ़ने का सौभाग्य प्राप्त होगा उनके लिए भी यह वैसी ही सिद्ध होगी।
— डॉ. राजीव भट्ट
वरिष्ठ ऑन्कोसर्जन | कैंसर विशेषज्ञ | निदेशक, एच.सी.जी. बड़ौदा
प्राणघातक रोग से जूझने और उस कठिन यात्रा से रूपांतरित होकर उभरने का सच्चा, विस्तृत और अंततः प्रेरणाजनक वृत्तांत। हर पाठक को ट्रिपल नेगेटिव में ऐसा कुछ मिलेगा, जिसे वह थाम सके — आत्म-पहचान का कोई क्षण, सांत्वना की कोई पंक्ति, या केवल यह विश्वास कि कठिन समय में भी अपना आत्मबोध और अपनी श्रद्धा अक्षुण्ण रखी जा सकती है।
— शेफाली वैद्य
लेखिका|स्तंभकार
| ISBN 13 | 9789347691645 |
| Book Language | Hindi |
| Binding | Paperback |
| Publishing Year | 2026 |
| Total Pages | 292 |
| Edition | First |
| GAIN | THBHNVASR99 |
| Publishers | Garuda Prakashan Pvt Ltd |
| Category | Biographies, Diaries & True Accounts True Accounts |
| Weight | 270.00 g |
| Dimension | 14.00 x 22.00 x 1.70 |
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*पुस्तक के बारे में*
मई 2021 की बात है। आरती पाठक ने अभी-अभी अपनी माँ को कोविड के कारण खोया था। उन्हें पता नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद उन्हें स्वयं कैंसर होने का पता चलने वाला था।
फिर भी यह संस्मरण शोक, पीड़ा या हानि पर केन्द्रित नहीं है। यह उस शक्ति की कथा है, जो टूट जाने के बाद ही जन्म लेती है; उस आस्था की, जो तब भी थामे रखती है, जब बाकी सब साथ छोड़ देता है; उस प्रेम की, जो निराशा के बीच और गहरा हो जाता है; उन छोटी-छोटी खुशियों की, जो सबसे अँधेरे दिनों में भी प्रकाश की तरह झिलमिलाती रहती हैं; और उस समर्पण की, जो भीतर एक शांत शक्ति का संचार करता है।
यह एक सच्ची कहानी है।
तीव्र गति से आगे बढ़ती भावनाओं की यह यात्रा पाठक को प्रेरित करेगी और एक शांत आत्मबोध से भर देगी।
अविस्मरणीय। ट्रिपल नेगेटिव एक कैंसर संस्मरण भर नहीं, उससे कहीं अधिक है। जो लोग रोग से जूझ रहे हैं, जो अपने प्रियजनों की सेवा-सुश्रूषा में लगे हैं, या जो जीवन के सबसे कोमल क्षणों में अर्थ खोज रहे हैं, उन्हें यह पुस्तक अवश्य पढ़नी चाहिए।
— टाइम्स ऑफ इंडिया
कैंसर जैसे भयावह विषय पर आशा, धैर्य और जिजीविषा की लयमयी स्वरलहरी।
— बिजनस वर्ल्ड
ट्रिपल नेगेटिव जीवन की अनिवार्य परीक्षाओं और उनसे पार ले जाने वाली मौन शक्ति का संगम है। यह उन अदृश्य हाथों की कथा है जो हमें राह दिखाते हैं, और उस दिव्यता की, जो हमारे सबसे अंधेरे समय में अपने-आप प्रकट होती है।
यह पुस्तक चिंता और भय की व्यर्थता, समर्पण के आनंद, प्रेम जैसे अमूल्य वरदान, और श्रद्धा से मिलने वाली अद्भुत शक्तियों की बात करती है।
— डेली पायनियर
सच्चाई से भरी, अत्यन्त प्रभावशाली और जीवन के प्रति गहरी आस्था जागृत करने वाली कृति। आरती आपकी यात्रा हृदयविदारक है। आपके लेखन में गहरी संवेदना है, संदेश में अद्भुत साहस और धैर्य की ऊष्मा है। माँ दुर्गा का आशीर्वाद तुम पर सदैव बना रहे। सस्नेह,
—सुष्मिता सेन
मिस यूनिवर्स (1994) |माँ |अभिनेत्री |समाजसेवी |उद्यमी
प्रेरणादायक। मुक्तिदायी। मन को बाँध लेने वाली!
कभी-कभी जीवन इतना पीड़ादायक और असहनीय हो जाता है कि लगता है कि सब कुछ टूट रहा है। लेकिन आरती अपने इस संस्मरण के माध्यम से दिखाती है कि हमें पीड़ा में डूबे रहना आवश्यक नहीं है। अपने अनुभवों और अपने दृष्टिकोण के माध्यम से वे हमें सिखाती हैं कि जीवन में आने वाले उन कठिन क्षणों का सामना कैसे किया जाए—जो हम सभी के जीवन में कभी न कभी आते ही हैं।
—अमिश त्रिपाठी
बेस्टसेलिंग लेखक | प्रसारक | पूर्व राजनयिक
आरती पाठक की ट्रिपल नेगेटिव हमें एक प्रेरणादायक यात्रा पर ले जाती है, जहाँ जीवन की जटिल चुनौतियों के बीच आगे बढ़ने का मार्ग दिखाई देता है। इसके पन्नों में गहन आध्यात्मिक चिंतन और गहरे अंतर्दृष्टिपूर्ण विचार समाहित हैं, जो कठिन समय में पाठक को संबल और स्पष्टता प्रदान करते हैं।
— मानोषी सिन्हा
बेस्टसेलिंग इतिहास लेखिका | इंडिक शोधकर्ता |ज्योतिष-अंकशास्त्री |वास्तु सलाहकार
ट्रिपल नेगेटिव एक सच्ची, मन को झकझोर देने वाली, अत्यंत वास्तविक कथा है। यह आशा की कथा है। एक ऐसी जीवंतता की गाथा है—जो हानि, शोक और जीवनमें आने वाली अनगिनत अनिश्चितताओं के बीच भी आगे बढ़ती रहती है।
— अमी गणात्रा
बेस्टसेलिंग लेखिका | इंडिक शोधकर्ता
भावनाओं का एक ज्वार-भाटा। इसे पढ़ते हुए ऐसा लगता है जैसे आप वहीं हों। वेदना और शोक के बाद आस्था और आशा विजयी होते हैं, जो अत्यंत प्रेरक और प्रभावशाली हैं।
— अर्चना छाबड़ा
आरती की प्रिय सखी
अपनी कठिन और प्रेरणादायक यात्रा पर आरती का यह संक्षिप्त किंतु अत्यंत गहन मनन मेरे द्वारा अब तक पढ़े गए संस्मरणों में सबसे श्रेष्ठ है। निर्भीक सच्चाई और साहस से भरी यह पुस्तक करुणा और शालीनता की कोमल धारा से भी परिपूर्ण है। रहस्यात्मक अनुभूति और अदम्य जीवन-शक्ति से रची यह कथा पाठक के मन को आरंभ से ही बाँध लेती है। और पाठक अंत तक इसके साथ बना रहता है।
परिवार, आध्यात्मिकता, वास्तविक कल्याण के अभ्यास और मानवीय जिजीविषा को समर्पित ट्रिपल नेगेटिव एक अत्यंत प्रेरणादायी श्रद्धांजलि है। यह एक ऐसी पुस्तक है जिसे मैं दीर्घकाल तक स्मरण रखूँगी और बिना किसी संकोच के सभी को इसे पढ़ने को कहूँगी।
— अदिति बनर्जी
बेस्टसेलिंग लेखिका | attorney
कुछ पुस्तकें हृदय को स्पर्श करती हैं; यह पुस्तक आत्मा तक पहुँचती है।
अंतिम पृष्ठ पढ़ने के बाद यह लंबे समय तक आपके साथ इस स्मरण के रूप में बनी रहती है—कि हमारे सबसे गहरे अँधकार के क्षणों में भी प्रकाश अपना मार्ग खोज ही लेता है।
अपनी माँ को कोविड-19 में खोने के दुःख से लेकर स्वयं कैंसर से जूझने तक, आरती की यात्रा स्वीकार और गरिमा का अद्भुत उदाहरण है। वह केवल कठिनाइयों को सहती नहीं—वह उनसे और अधिक सशक्त होकर उभरती हैं, यह दिखाते हुए कि उपचार केवल शारीरिक नहीं, बल्कि अत्यंत आध्यात्मिक भी होता है।
निर्भीक और निष्छल सत्यता के साथ वह हमें अपने संघर्षों की गहराइयों तक ले जाती है। उनके शब्दों में आशा, विनोद और जीवन के प्रति अटूट विश्वास की उजली किरणें निरंतर झलकती रहती हैं।
— स्नेहा शाह
मनोवैज्ञानिक |लीडरशिप कोच
लेखिका -‘व्हाट शेप आर यू?’
ट्रिपल नेगेटिव आरती के विचारों, भावनाओं और शारीरिक पीड़ा के भँवर का अत्यंत मार्मिक वृत्तांत है। यह एक ऐसी यात्रा का वर्णन है जो उन्हें रूपांतरित कर देती है।
आरती अपने अतीत और वर्तमान दोनों को स्वीकार कर आंतरिक संघर्षों और अवचेतन में बसे भय का सामना करती है और अपनी यात्रा में अर्थ खोज लेती हैं—जो मूलतः आत्म-साक्षात्कार की यात्रा है।
हमारे कष्टों और संघर्षों, परीक्षाओं और पीड़ाओं में सदैव कोई न कोई अर्थ निहित होता है। अपने वास्तविक स्वरूप को हम उस स्पष्टता से नहीं जान पाएंगे, जो लेखिका ने इस यात्रा में प्राप्त की है।
ट्रिपल नेगेटिव मानवीय जीवटता को समर्पित एक श्रद्धांजलि है। मेरे लिए यह पुस्तक एक गहन अनुभव और सीख का स्रोत है। मुझे पूर्ण विश्वास है जिसे भी इसे पढ़ने का सौभाग्य प्राप्त होगा उनके लिए भी यह वैसी ही सिद्ध होगी।
— डॉ. राजीव भट्ट
वरिष्ठ ऑन्कोसर्जन | कैंसर विशेषज्ञ | निदेशक, एच.सी.जी. बड़ौदा
प्राणघातक रोग से जूझने और उस कठिन यात्रा से रूपांतरित होकर उभरने का सच्चा, विस्तृत और अंततः प्रेरणाजनक वृत्तांत। हर पाठक को ट्रिपल नेगेटिव में ऐसा कुछ मिलेगा, जिसे वह थाम सके — आत्म-पहचान का कोई क्षण, सांत्वना की कोई पंक्ति, या केवल यह विश्वास कि कठिन समय में भी अपना आत्मबोध और अपनी श्रद्धा अक्षुण्ण रखी जा सकती है।
— शेफाली वैद्य
लेखिका|स्तंभकार
| ISBN 13 | 9789347691645 |
| Book Language | Hindi |
| Binding | Paperback |
| Publishing Year | 2026 |
| Total Pages | 292 |
| Edition | First |
| GAIN | THBHNVASR99 |
| Publishers | Garuda Prakashan Pvt Ltd |
| Category | Biographies, Diaries & True Accounts True Accounts |
| Weight | 270.00 g |
| Dimension | 14.00 x 22.00 x 1.70 |
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