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-:पुस्तक-परिचयः:-
श्रीशेखरार्यविरचितानि सप्त लघूनाटकानि बालानां कृते जीवनमूल्यानि, नैतिकसिद्धान्तान् च सुखेन बोधयन्ति। मञ्चनयोग्यानि नाटकानि शिक्षणं मनोरञ्जकं कुर्वन्ति ।
श्रीशेखर आर्य द्वारा रचित सात लघु नाटक बच्चों के लिए जीवन-मूल्यों और नैतिक सिद्धांतों को सरल एवं रोचक ढंग से समझाते हैं। ये नाटक मंचन के योग्य हैं और शिक्षा को मनोरंजक बनाते हैं।
-:अनुक्रमणिका:-
१. बालानां नेहालापाः
६. सङ्गीत-प्रियः राजा
१६. विग्रहः
२६. तिरुवल्लुवर
३१. आत्माभिलाषी नचिकेताः
३९. अभिनवनेत्रमेधयज्ञः
४४. सर्वं प्रेममयम्
| ISBN 13 | 9789347691430 |
| Book Language | Sanskrit |
| Binding | Paperback |
| Publishing Year | 2025 |
| Total Pages | 56 |
| Edition | First |
| GAIN | O0L8VRCBZNC |
| Publishers | Garuda Prakashan Pvt Ltd |
| Category | Children's Literature & Fiction Children Books |
| Weight | 200.00 g |
| Dimension | 20.50 x 25.50 x 0.30 |
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-:पुस्तक-परिचयः:-
श्रीशेखरार्यविरचितानि सप्त लघूनाटकानि बालानां कृते जीवनमूल्यानि, नैतिकसिद्धान्तान् च सुखेन बोधयन्ति। मञ्चनयोग्यानि नाटकानि शिक्षणं मनोरञ्जकं कुर्वन्ति ।
श्रीशेखर आर्य द्वारा रचित सात लघु नाटक बच्चों के लिए जीवन-मूल्यों और नैतिक सिद्धांतों को सरल एवं रोचक ढंग से समझाते हैं। ये नाटक मंचन के योग्य हैं और शिक्षा को मनोरंजक बनाते हैं।
-:अनुक्रमणिका:-
१. बालानां नेहालापाः
६. सङ्गीत-प्रियः राजा
१६. विग्रहः
२६. तिरुवल्लुवर
३१. आत्माभिलाषी नचिकेताः
३९. अभिनवनेत्रमेधयज्ञः
४४. सर्वं प्रेममयम्
| ISBN 13 | 9789347691430 |
| Book Language | Sanskrit |
| Binding | Paperback |
| Publishing Year | 2025 |
| Total Pages | 56 |
| Edition | First |
| GAIN | O0L8VRCBZNC |
| Publishers | Garuda Prakashan Pvt Ltd |
| Category | Children's Literature & Fiction Children Books |
| Weight | 200.00 g |
| Dimension | 20.50 x 25.50 x 0.30 |
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Garuda Prakashan
₹180.00
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