श्री अमरसिंह (Shri Amar Singh), known as Amarasimha, was an ancient Indian Sanskrit scholar traditionally counted among the nine gems (navaratnas) of King Vikramaditya's court. He composed the अमरकोष (Amarakosha), also known as Namalinganushasana — a Sanskrit thesaurus of nearly 10,000 words arranged in metrical verses to aid memorisation. The Amarakosha is considered the oldest extant Sanskrit lexicon and remains a standard reference in Sanskrit education.
श्री अमरसिंहः (अमरसिम्हः) एकः प्राचीनभारतीयसंस्कृतविद्वान् आसीत्, यः परम्परागतरूपेण राजविक्रमादित्यस्य सभायाः नवरत्नेषु गण्यते। तेन अमरकोषः रचितः, यः नामलिङ्गानुशासन इत्यपि ज्ञायते — प्रायः दशसहस्रपदानां संस्कृतपर्यायकोशः, यः स्मरणसहायार्थं छन्दोबद्धपद्येषु विन्यस्तः। अमरकोषः प्राचीनतमः उपलब्धसंस्कृतकोशः मन्यते तथा च संस्कृतशिक्षायाः मानकसन्दर्भग्रन्थत्वेन विद्यते।
श्री अमरसिंह (अमरसिम्ह) एक प्राचीन भारतीय संस्कृत विद्वान थे, जिन्हें परंपरागत रूप से राजा विक्रमादित्य की सभा के नवरत्नों में गिना जाता है। उन्होंने अमरकोष की रचना की, जिसे नामलिंगानुशासन के नाम से भी जाना जाता है — यह लगभग दस हजार शब्दों का संस्कृत पर्यायकोश है, जो स्मरण में सहायता के लिए छन्दोबद्ध पद्यों में निबद्ध है। अमरकोष को प्राचीनतम उपलब्ध संस्कृत कोश माना जाता है और यह संस्कृत शिक्षा में आज भी मानक संदर्भ-ग्रंथ बना हुआ है।