Sitaram Kaviraj writes in Sanskrit and Hindi on the ritual worship and propitiation of Goddess Bhuvaneshwari, one of the ten Mahavidyas of the Shakta tantric tradition. His text श्री भुवनेश्वरी वरिवस्या (Shri Bhuvaneshwari Varivasya), published by Shri Vidhya Sadhna Peetham, Varanasi, presents the devotional and ritual framework associated with this goddess.
सीताराम-कविराजः संस्कृते हिन्दीभाषायां च शाक्त-तान्त्रिक-परम्परायाः दश-महाविद्यासु अन्यतमाया देव्याः भुवनेश्वर्याः पूजा-आराधना-विषये लिखति। तस्य ग्रन्थः श्री भुवनेश्वरी वरिवस्या, वाराणस्यां श्री विद्यासाधना-पीठम्-प्रकाशितः, अस्याः देव्याः सम्बद्धं भक्ति-अनुष्ठान-ढाँचं प्रस्तुतीकरोति।
सीताराम कविराज संस्कृत और हिन्दी में शाक्त तान्त्रिक परम्परा की दस महाविद्याओं में से एक देवी भुवनेश्वरी की पूजा-आराधना विषय पर लिखते हैं। उनका ग्रन्थ श्री भुवनेश्वरी वरिवस्या, वाराणसी के श्री विद्यासाधना पीठम् द्वारा प्रकाशित, इस देवी से सम्बद्ध भक्ति और अनुष्ठान के ढाँचे को प्रस्तुत करता है।