डॉक्टर कंचन एक बैंक अधिकारी की पुत्री और पौत्री हैं। उनके दादाजी जो एक बैंक अधिकारी के साथ-साथ परमहंस योगानंद के अनुयायियों के जो हमेशा उनके पुस्तक का अध्ययन करते रहते थे। विभिन्न नियम पूर्वक रहने वाले श्री कृण सादगी और शालीनता के प्रतिमूर्ति थे। जब भी वह ज्ञान की बातें करते थे योगानंद की लिखित बातों को बताते थे। स्वामी योगानंद का जन्म भी गोरखपुर में हुआ था और उनके पिता भी एक रेल अधिकारी थे। उन्हीं की किताबों को पढ़ने के फलस्वरूप मुझे प्रेरणा मिली कि योगी आदित्यनाथ जी के बारे में भी कुछ लिखा जाए। बचपन से ही अपने परिवार के सभी सदस्यों का अपने हिंदू धर्म के प्रति रुझान को बहुत ही करीब से महसूस किया। घर-परिवार से जुड़े किसी कार्य का शुभारंभसर्वप्रथम श्री गोरखनाथ जी के दर्शन के बाद ही प्रारंभ होता था।